
गांवा (गिरिडीह)। गांवा प्रखंड के खरसान में राष्ट्रीय सूड़ी समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज की सूझबूझ और आपसी सहमति से 20 वर्षों से चला आ रहा जमीन विवाद सुलझा लिया गया। इस ऐतिहासिक पहल के बाद क्षेत्र में खुशी और संतोष का माहौल देखा गया।

जानकारी के अनुसार, मौजी साव एवं अमृत साव के बीच जमीन को लेकर पिछले दो दशकों से गंभीर विवाद चल रहा था। कई प्रयासों के बावजूद मामले का समाधान नहीं निकल पा रहा था। रविवार को आयोजित समाज की विशेष बैठक में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई।
समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों की मध्यस्थता में दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का निर्णय लिया। समाज के फैसले का दोनों पक्षों ने स्वागत किया और आपसी मतभेद भुलाकर भाईचारे का परिचय दिया।

बैठक में राष्ट्रीय सूड़ी समाज के गिरिडीह जिला अध्यक्ष कार्तिक मंडल, गांवा प्रखंड अध्यक्ष सौदागर साव, प्रखंड कमिटी के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जिला अध्यक्ष कार्तिक मंडल और प्रखंड अध्यक्ष सौदागर साव ने कहा कि समाज की एकजुटता और संवाद की भावना से बड़े से बड़े विवादों का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि कोर्ट-कचहरी के लंबे चक्कर लगाने से बेहतर है कि लोग आपसी बातचीत और सामाजिक पहल से समस्याओं का हल निकालें, ताकि समाज में शांति, सौहार्द और भाईचारा कायम रहे।
समाज के इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना की जा रही है और लोग इसे सामाजिक एकता की मिसाल बता रहे हैं।



